डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।
सीधे सच्चे भोले भाले।
बैजनाथ के भक्त निराले।।
लाल माटी में खेलन हारे।
देश धर्म को सदा विचारें।।
संस्कृति संस्कार वाले।
हम नागरिक आगर वाले।।1
अतिथियों के सत्कार वाले।
राज अगरिया भीलों वाले।।
अच्छे स्वास्थ्य सेहत वाले।
लोग नगरिया के मतवाले।।
दाल बाफला खाने वाले।
क्रोध ईर्ष्या पीने वाले।।
परोपकारी भाव वाले।
हम नागरिक आगर वाले।।2
पूरब में है तुला भवानी।
पश्चिम अचलेश्वर है दानी।।
उत्तर बैजनाथ रखवाले।
दक्षिण भेरु है मतवाले।।
पोहा चाय कचोरी वाले।
हम नागरिक आगर वाले।।3
जयनारायण भक्ति वाले।
मार्टिन अफगानों वाले।।
पचास साल रामायण वाले।
दो सौ मंडल पढ़ने वाले।।
बैजनाथ जय भोले-भाले
हम नागरिक आगर वाले।।4
रत्ना मोती सुंदर सागर ।
मस्जिद गिरिजा मंदिर आगर।।
टिल्लर लखमी अटल सरोवर।
पुरातत्व की बड़ी धरोहर।।
ऐतिहासिक पहचान वाले।
हम नागरिक आगर वाले।।5
साहित्य के रचते भंडारे।
देश द्रोही को मारन वारे।।
साल सागोन शीशम वाले।
बरगद नीम पीपल वाले।।
हिरण बटेर बाघ वाले।
ऐसे जंगल हमने पाले।।
धर्म ज्योतिष ज्ञान वाले।
हम नागरिक आगर वाले।।6
मान और सम्मान वाले।
आन -बान और शान वाले।।
धोती कुरता साफा वाले।
लेंहगा लुगड़ी चुनरी वाले।।
मेहनतकश मजदूरी वाले।
निजी या सरकारी वाले।।
सुख दुःख में साथ निभा लें
हम नागरिक आगर वाले।।7
दरबार कोठी 23, गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश