जिला पोषण व जिला कन्वर्जेंस समिति की बैठक आयोजित

गौरव सिंघल, सहारनपुर। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति, जिला निगरानी समिति तथा जिला कन्वर्जेंस समिति की बैठक हुई।

जिलाधिकारी अखिलेश सिंह द्वारा आईसीडीएस विभाग स्वास्थ्य विभाग तथा आरबीएसके टीम को निर्देश दिये गये कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सभी बच्चों का स्वास्थ्य प्रबंधन सुनिश्चित कराया जाए और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि रैंडमली बच्चों का एनीमिया का स्तर की जांच करा लें और उसमें जो डाटा प्रदर्शित होता है उसका मूल्यांकन एन0एच0एफ0 एस0 के डाटा से कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके द्वारा गोद लिए गए गांव का समय से आदर्श गांव की श्रेणी में परिवर्तित करना सुनिश्चित करें। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती आशा त्रिपाठी द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में राष्ट्रीय पोषण माह का कार्यक्रम शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में और भारत सरकार के प्राथमिक कार्यक्रमों में से एक का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है और इस कार्य को करते हुए जनपद ने अच्छी प्रगति की है और राज्य में जनपद द्वितीय स्थान पर जन आंदोलन डैशबोर्ड पर गतिविधियों की फीडिंग में है। जिला पोषण समिति की समीक्षा करते हुए मंडलीय समन्वयक यूनिसेफ रवि प्रकाश द्वारा यह बताया गया कि जनपद में संभव अभियान के अंतर्गत जुलाई माह में 4040 बच्चे सैम श्रेणी के चिन्हित किए गए थे किंतु अगस्त माह में केवल 11 बच्चे ही पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती हुए हैं। यह आंकड़ा यह प्रदर्शित करता है कि बच्चों का स्वास्थ्य प्रबंधन स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस की टीम द्वारा समन्वय स्थापित करते हुए नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ई- कवच पोर्टल पर मात्र 576 बच्चे ही प्रदर्शित हो रहे हैं जो इसकी पुष्टि करता है कि हम गंभीर श्रेणी के बच्चों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और वह निरंतर कुपोषित हो जाएंगे और किसी भी प्रकार की क्षति की संभावना होगी। इसलिए स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस दोनों मिलकर बच्चों के स्वास्थ्य प्रबंधन की दिशा में स्वास्थ्यवर्धक कार्य करें ताकि कोई भी बच्चा कुपोषित ना रहे। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संजीव मांगलिक, जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार शर्मा सहित सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।