जीवन के लिए वायु के बाद सबसे जरूरी तत्व जलः संदीप दास
मुजफ्फरनगर। जीवन के लिए वायु के बाद सबसे जरूरी तत्व जल है। जल ही जीवन है। जल है तो कल है। आज विश्व पेयजलकी कमी एक संकट बनती जा रही है इसका कारण पृथ्वी में जल स्तर लगातार नीचे जाना है जल के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना करना भी सम्भव नही है। एस.एस.दास चैरिटेबल मैमोरियल ट्रस्ट नई मन्डी के मुख्य ट्रस्टी संदीप दास ने संस्था के पदाधिकारियो के साथ कचहरी स्थित डीएम कार्यालय पहंुच कर डीएम सेल्वा कुमारी जे. के नाम सौपे गए ज्ञापपन मे अवगत कराया कि जल संकट से उबरने के लिए वर्षा का जल संचयन भी एक प्रमुख उपाय है। ज्ञापन मे बताया कि समय की मांग है कि हम सभी को वर्तमान व भावी पीडियो के लिए जल संरक्षण व उसके उचित प्रबन्धन पर तेजी से कार्य करना होगा। देश में ंअंधाध्ुान भूजल दोहण के चलते अब यह स्थिती हो गयी है कि नदियो की गोद में आबाद क्षेत्रो मे भीा सुरक्षित किये जल की किल्लत होने लगी है। हमारे देश मे भविष्य मे भीष्ण पेय जल संकट और लातूर जैसे हालात पैदा न हो जाये इन सब परिस्थितियो को देखते हुए केन्द्र सरकार व राज्य सरकार के स्तरों पर देश में विभिन्न परियोजनाएंे शुरू कर दी हैं और देश के अधिकंाश जल बोर्ड में वर्षा जल संचयन और जल प्रबन्धन करके स्वच्छ जलके उपलब्ध श्रोतो के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में करना शुरू कर दिया है। सभी आम देशवासियों को इसके लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लगातार सामूहिक प्रयास धरातल पर करने होंगे तभी देश में भविष्य में जल संकट की ज्वलन्त समस्या का कोई स्थायी समाधान हो पायेगा। वर्षा जल का संयचन भूमि जल भंडारण में वृ(ि और जल स्तर में गिरावट नियन्त्रण करने के लिए भूमि गुणवत्ता में सुधार के लिए पानी के स्वतः ही बहाव जो अन्यथा नालो में भरकर रूक जाता है को कम करने के लिए आवश्यक है इसलिये वर्षा के जल को संचयन करने के लिए सभी घरो की छतो,कालोनियो,मार्केट काॅम्लैक्स इत्यादि पर जल संचयन के तरीको को अपनाने े निर्देश दिया जाना आवश्यक है इसके साथ-साथ नये बन रहे मकानो में वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था को आवश्यक करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। पालन न करने वालो पर मकान की कीमत का 5 से 10 प्रतिशत जुर्माना किया चाहिए इसके साथ-साथ विकास प्राधिकरण को यह निर्देशित किया जाये कि कोई भी नक्शा तभी पास किया जाये जब उसमें वर्षा जल संचयन का प्राविधान हो।