डा.मिली भाटिया आर्टिस्ट की नारी अंतर्मन पर तीसरी पेंटिंग में एक पढ़ी-लिखी विवाहिता की निराशा प्रदर्शित करने की कोशिश


शि.वा.ब्यूरो, रावतभाटा (राजस्थान)। डॉक्टर मिली भाटिया आर्टिस्ट बताती हैं कि नारी अंतर्मन की 7 पेंटिंग में से मेरी तीसरी पेंटिंग नारी का एक नारी का एक और रूप प्रदर्शित करती है। इस पेंटिंग में एक दक्षिण भारतीय पनिहारिन है। यह एक वेल एजुकेटेड लेडी है, पर इसकी शादी ऐसी जगह कर दी गयी है, जहां उसे पनिहारन का काम करना पड़ रहा है। ऐसे में उसे लग रहा है कि मेरा सब कुछ पानी में मिट्टी की तरह मिल चुका है, मेरी पढ़ाई-लिखाई सब व्यर्थ हो गयी है। यह पेंटिंग सीरिज मिली भाटिया ने वर्ष 2008 में एम.ए. की पढ़ाई के दौरान बनायी थी। इसे प्रदर्शनी में स्थान मिला था और इस पेंटिंग को काफी सराहा भी गया था।