आधुनिक भारत


राजीव डोगरा 'विमल', शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।


उठो देश के वीर जवानों
मिलकर अब सब
एक नए भारत का
हम आगाज करते।


खो रही है जो
जन-जन की सत्ता
मिलकर उसको फिर
अपने अधिकार में करते।


लूट रहे है जो
हर पल देश की इस्मत
फाड़ के सीने उनके
अब उनको सरेआम करते हैं।


उठो देश के वीर जवानों
छोड़कर अब हवस की सत्ता
देश भक्ति के रस में चूर होकर
आधुनिक भारत का निर्माण करते हैं।


उठो देश के वीर जवानों
मिलकर अब सब
एक नए भारत का
हम आगाज करते।


खो रही है जो
जन-जन की सत्ता
मिलकर उसको फिर
अपने अधिकार में करते।


लूट रहे है जो
हर पल देश की इस्मत
फाड़ के सीने उनके
अब उनको सरेआम करते हैं।


उठो देश के वीर जवानों
छोड़कर अब हवस की सत्ता
देश भक्ति के रस में चूर होकर
आधुनिक भारत का निर्माण करते हैं।


राजीव डोगरा 'विमल', शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।