भाषा सहोदरी हिंदी (न्यास)  द्वारा दो दिवसीय आठवां अंतर्राष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन गोवा में, घोषणा अगस्त 2020 में


शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। भाषा सहोदरी हिंदी न्यास द्वारा आठवां अंतर्राष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी होने जा रहा है। यह अक्टूबर - नवंबर में होगा जिसकी तिथि की घोषणा अगस्त 2020 में की जाएगी। अधिवेशन में सहोदरी काव्य संकलन, सहोदरी लघुकथा संग्रह, सहोदरी कहानी संग्रह, सहोदरी गजल संग्रह, सहोदरी बाल साहित्य संग्रह व  सहोदरी गीत संग्रह प्रकाशित होंगे। एक संग्रह में एक लेखक को 4 पेज दिए जाएंगे और 2 पुस्तके प्रदान की जाएंगी ।
पंजीकरण शुल्क सभी के लिए 2,500 रूपया है


बता दें कि यह हिंदी अधिवेशन पिछले 10 वर्षों से प्रति वर्ष निरंतर होता आ रहा है इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन में एक दिन भारत की सभी 22 भारतीय भाषा एवम CBSE, ICSE, NCERT, के साथ साथ शिक्षा नीती, भाषा नीती, न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका पर मंथन संवाद, व्याख्यान/परिचर्चा होता है | यह शोधार्थी और शिक्षकों के लिए बहुत ही उपयोगी होता है । दूसरा दिन साहित्यिक परिचर्चा होता है जिसमे देश विदेश के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, लेखक, साहित्यकार, शोधार्थी, शिक्षक, प्रोफ़ेसर, कुलपति, राजनेता, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, उच्च एवम उच्चतम न्यालय के, न्यायधीश, अधिवक्ता भाग लेते है | इसमें एक सहोदरी पत्रिका और 6 साहित्यिक पुस्तकें भी प्रकाशित की जाती है |
सहोदरी पत्रिका के मुख्य विंदु आपके राज्य में उस राज्य की भाषा और शिक्षा, साहित्य की स्थिति, गांधी जी की भाषा और शिक्षा नीती का संदर्भ, लोहिया की भाषा और शिक्षा नीती का संदर्भ, विश्व मे हिंदी का महत्व, भारत में हिंदी की स्थिति, दलित विमर्श, किन्नर विमर्श, स्त्री विमर्श का संदर्भ, भारतेन्दु जी, भीष्म साहनी जी, दिनकर जी, मुंशी प्रेमचंद जी, महादेवी प्रसाद वर्मा जी का विमर्श, भारत की भाषा नीति शिक्षा नीति कितना प्रबल, भारतीय राजनीति में वाद विवाद में भाषा के गिरते स्तर का युवाओं पर कितना असर, छोटे बच्चों में कैसे करें हिंदी का विकास, भाषा और शिक्षा के प्रति विद्यालयों में शिक्षक और छात्रों में मंथन संवाद शोध एवम चिंतन जरूरी कैसे, 21वी सदी की मीडिया की पत्रकारिता, क्या अंग्रेजी से चलेगा भारत का लोकतंत्र ?, भारत की न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका में कब-कैसे होगा भारतीय भाषाओं की भागीदारी, लिखित परीक्षाओं से अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त कब और कैसे सम्भव, हिंदी सिनेमा में साहित्यिक विमर्श, वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय संस्कृति,भाषा,साहित्य का सामाजिक प्रभाव, वैश्विक स्तर पर गाँधी की अहिंसा नीती का प्रभाव, भाषा ,शिक्षा, साहित्य से जुड़े विषय पर आप कोई भी शोधपत्र भेज सकते है आदि बिन्दु शामिल होंगे।